छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया

 आज छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया,कल प्रातःकाल उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समापन

नोएडा (अमन इंडिया) । अखिल भारत हिन्दू महासभा और अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया है कि आज चैत्र शुक्ल षष्ठी को छठव्रतियों ने गेहूं का आटा, घी और शक्कर का ठेकुआ तथा चावल, घी और शक्कर का लड्डू प्रसाद के लिए बनाया।छठव्रतियों ने बांस के बने सूप, डाला, दौरा में सभी प्रकार का प्रसाद रखा।प्रसाद के रूप में सेब, केला, नारंगी, अमरूद, डाभ सहित सभी प्रकार का फल,ईख, पानी में फलनेवाला सिंघाड़ा, मूली, सुथनी, सकरकंद,कच्चा नारियल, चीनी का बना साँचा, घर में बना ठेकुआ, लड्डू, कच्चा धागे का बना बद्धी, सिंदूर, कपूर,अगरबत्ती आदि रखा।आज सायं काल में सूर्यास्त से पूर्व छठव्रती और उनके परिवार के सदस्य सिर पर प्रसाद सहित सूप, डाला, दौरा लेकर श्रद्धालु घर से निकलकर छठघाट पर गये।छठव्रती घर से घाटों तक कष्टी देते गए।सूर्यास्त से पूर्व हाथ में प्रसाद रखा हुआ सूप, डाला, दौरा लेकर छठव्रतियों ने छठघाट में प्रवेश किया और भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया।सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को जल द्वारा अर्घ्य प्रदान किया।भगवान सूर्य को अर्घ्य सूर्यास्त से पूर्व दिया गया।

         कल प्रातःकाल उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा।सूर्योदय से पूर्व छठव्रती और उनके परिवार के सदस्य सिर पर प्रसाद से भड़ा सूप,डाला और दौरा लेकर श्रद्धालु घर से चलकर छठघाट पर आयेंगे। सूर्योदय होते ही छठव्रती घाट में प्रवेश कर और हाथ में प्रसाद से भड़ा सूप, डाला, दौरा आदि लेकर उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान करेंगे।अन्य उपस्थित श्रद्धालु गौदूध से भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे।अर्घ्य अर्पित करने के उपरांत छठव्रती छठघाट पर बने सूर्यपिंड के निकट बैठकर भगवान भास्कर और छठमाता की पूजा-अर्चना करेंगे।पूजा के उपरांत छठव्रतियों द्वारा पारण किया जायेगा।छठव्रतियों द्वारा प्रसाद ग्रहण करने के बाद घर के सभी सदस्य, पड़ोसी और सभी लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे।इसके साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो जायेगा।

                अखिल भारत हिन्दू महासभा और अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि छठपूजा करने से छठव्रतियों और उनके परिवार के सदस्यों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।बिहार, पूर्वी उत्तरप्रदेश, झारखंड,बिहार से सटे हुए पश्चिम बंगाल के कई जिलों,हिंदुस्तान और दुनिया के सभी शहरों में छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।नेपाल,मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, वेस्टइंडीज,ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में छठपर्व हर्षोल्लास और पारम्परिक तरीके से मनाया जाता है।यह भगवान सूर्य की उपासना और भक्ति का महान लोकपर्व है।यह पर्व वर्ष में दो बार चैत्र और कार्तिक महीना में मनाया जाता है।दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा,गाजियाबाद,गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर के शहरों में लाखों श्रद्धालु इस महान पर्व को धूमधाम से मनाते हैं।