अमिताभ बच्चन की ओर से हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट कॉलेज ने अपनी पहली वर्षगांठ पर वितरित की 24 मशीनें
September 6, 2019 • Akram Choudhary

 

हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट कॉलेज ने पूरा किया एक साल, 3200 सफाई कर्मचारियों ने पाया गरिमापूर्ण जीवन

 महाराष्ट्रर / रेकिट बेंकिजर की स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रमुख पहलों में से एक, हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट कॉलेज ने पिछले महीने अपनी पहली वर्षगांठ मनाई है। 18 अगस्त, 2018 को अपनी शुरुआत के बाद से, कॉलेज ने 3200 सफाई कर्मचारियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है और 100ः नौकरी, प्रशिक्षण चाहने वाले उम्मीदवारों को स्थायी रोजगार के अवसरों पाने में मदद की है। इसमें प्रतिष्ठित और मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और स्थानीय संगठनों या कंपनियों में प्राप्त हुई नौकरियां शामिल है।
एसईसीसी डेटा के अनुसार अकेले महाराष्ट्र राज्य में 63,713 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं। हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट कॉलेज भारत में सफाई कर्मचारियों को अपने काम की गुणवत्ता को बढ़ाने, अमानवीय प्रथाओं और खतरों को खत्म करने के साथ साथ मैला ढोने वाले कर्मचारियों के सामने रोजाना पेश आने वाली दिक्कतों को हल करने लिए एक सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने का प्रयास करता है। 
हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट की पहली सालगिरह के अवसर पर बोलते हुए आरबी होम हाइजीन के दक्षिण एशिया सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर, नरसिम्हन ईस्वर ने कहा “स्वच्छ वातावरण की एक जिम्मेदार कंपनी के रूप में, हार्पिक सभी को साफ सफाई तक पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज, 3200 सफाई कर्मचारी और उनके परिवार एवं समुदाय पहले से अधिक जानकारीयुक्त, स्वस्थ और गरिमापूर्ण जीवन जी रहे हैं। हम अपने सभी सहयोगियों और वॉलेंटियर्स को इस पहल पर विश्वास करने और समाज में सकारात्मक प्रभाव पैदा करने में मदद करने के लिए धन्यवाद देते हैं।”
इस पहल के तहत, श्री अमिताभ बच्चन ने निजी सफाई कर्मियों को मैनहोलों के अवरुद्ध सीवर लाइनों/नालियों में प्रवेश करने से रोकने के लिए सफाई कर्मियों को 24 मशीनें और बीएमसी (मुंबई महानगर पालिका) को एक बड़ा ट्रक प्रदान किया है, जिससे सफाई कर्मचारी मलमूत्र और खतरनाक गैसों के साथ सीधे संपर्क से बच सकें। इन मशीनों का उपयोग निजी संपत्तियों जैसे अकेली इमारतों, टाउनशिप, होटल और अस्पतालों आदि में सीवर लाइनों के रखरखाव के लिए किया जाता है।
रवि भटनागर, डायरेक्टर, एक्सटर्नल अफेयर एंड पार्टनरशिप, रेकिट बेंकिजर - अफ्रीका, मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया ने कहा, “हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट कॉलेज से प्रशिक्षित स्वच्छता कार्यकर्ता सही ज्ञान और कौशल से लैस होते हैं, जिससे कि वे अपने समुदाय में दूसरों को प्रशिक्षित कर सकें और इससे एक से दूसरे तक ज्ञान पहुंचाने की परंपरा स्थापित हो सके। हमें भरोसा है कि सही मशीनरी और उपकरणों के साथ एक मजबूत इको सिस्टम बनाने के लिए किए गए प्रयास हमें हजारों स्वच्छता कर्मचारियों और उनके परिवारों को सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने में मदद करेंगे।”
नियमित कक्षाओं के संचालन के अलावा, हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट कॉलेज ने पुणे, मुंबई और औरंगाबाद में 3 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का गठन किया है। प्रत्येक एसएचजी में 10 स्वच्छता कार्यकर्ता होते हैं, जो स्वच्छता को बेहतर बनाने की इस कड़ी में आत्मनिर्भर उद्यमी बनने और सुरक्षा के स्तर में वृद्धि करने एवं मशीनों के सही उपयोग करने वाले एक नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में काम करते हैं। सभी एसएचजी के सफाई कार्यकर्ताओं को मशीनों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया है और कॉलेज द्वारा सुरक्षा उपकरण भी प्रदान किए गए हैं।
अपनी पहली वर्षगांठ के अवसर पर, रेकिट बेंकिजर के साथ द हार्पिक वल्र्ड टॉयलेट कॉलेज औरंगाबाद, जागरण पहल अपने सहयोगियों कामशाला, बीवीजी, ईवाई, गुडएरा के साथ वर्षगांठ का दिन श्री अमिताभ बच्चन द्वारा कॉलेज को दी गई इन 24 मशीनों के वितरण के साथ सफाई कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाते हुए मनाने जा रहा है।