ड्राउट प्रीपेरड्नेस डे- सीओपी-14
September 14, 2019 • Akram Choudhary

 

ग्रेटर नोएडा- सतत विकास लक्ष्य -15 को प्राप्त करने की राह में सूखा एक बड़ी बाधा के रूप में हमारे सामने खड़ी है। हमें सूखे के खिलाफ अपनी लड़ाई में तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है। आईए हम सब मिलकर इस समस्या से पार पाएँ और जलवायु परिवर्तन को कम करने दिशा में एक बेहतर पहल करें ”, श्री इब्राहिम थियाव,कार्यकारी सचिव -यूएनसीसीडी, ने रियो पवेलियन सेंटर में चल रहे सीओपी-14 (COP14) के सत्र में ड्राउट प्रीपेरड्नेस डे पर अपनी प्रारम्भिक टिप्पणी में कहा।

यूएनसीसीडी सचिवालय ने मौजूदा सीओपी-14 के दस दिनों को दुनिया भर में सूखे से लड़ने की तैयारियों को सहयोग देने वाले उपकरणोंकार्यप्रणालियों और नीतियों तथा उनकी सफलताओं और चुनौतियों को प्रस्तुत करने और उनपर विचार-विमर्श को समर्पित किया।

ड्राउट प्रीपेरड्नेस डे को यूएनसीसीडीखाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ)ग्लोबल वाटर पार्टनरशिप (GWP) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डबल्यूएमओद्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

खाद्य और कृषि संगठन में जलवायुजैव विविधताभूमि और जल विभाग में सहायक महानिदेशक रेने कास्त्रो ने  प्रतिक्रियाशील सोच से सक्रिय सोच की ओर अग्रसर होने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, '' हमें अकाल जैसी समस्या को रोकने के लिए तैयारी,पूर्व- भविष्यवाणी और योजना पर एक साथ काम करने की आवश्यकता है। कोई एक देश या संस्था अकेले इसे हासिल नहीं कर सकता। हमें विभिन्न देशोंसंयुक्त राष्ट्र संस्थाओंगैर-सरकारी संगठनोंशैक्षणिक,स्वदेशी और स्थानीय समुदायोंनिजी क्षेत्र सहित पारिवारिक किसानों आदि के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है|

मैं यहाँ सीओपी-14 में एक महिला पैनल को देख कर काफी उत्साहित हूँ। महिलाओं को भी सूखे की तैयारियों से संबन्धित सभी गतिविधियों और नीतियों में शामिल करने से हमारी जीत सुनिश्चित होगी,” श्री थियाव ने कहा।

यह कार्यक्रम सूखे के असर को कम करने वाले लिंग-प्रभावी कदमों के लिए एक विशेष आह्वान भी था और यूएनसीसीडी जेंडर एक्शन प्लान के महत्व के पक्ष में था।

“हम कुछ नहीं हैंअगर हम घटते कृषि उत्पादन को रोक नहीं सकते और अपने बच्चों को पर्याप्त खाना उपलब्ध नहीं करा सकतेहमारी कोई गरिमा नहीं होगी यदि हमारे पास पेट भरने को पर्याप्त ज़मीन नहीं होगी”, क्वामे नकरमाह पैन अफ्रीकन सेंटरघाना की अध्यक्ष सुश्री सामिया मकरमाह ने कहा। ऐसी उम्मीद है कि सीओपी-14 राष्ट्रीय सूखा योजनाओं के विकास और समेकित सूखा प्रबंधन को लागू करने के महत्व को रेखांकित करेगा और महत्वपूर्ण संदेश प्रेषित करेगा।