राम जन्म से अयोध्या मे खुशी की लहर
September 30, 2019 • Akram Choudhary

 

नोएडा । (अमन इंडिया)श्रीराम मित्र मण्डल द्वारा आयोजित रामलीला मंचन सेक्टर-62  के दूसरे दिन मुख्यअतिथि कुमार संजय ओएसडी नोएडा विकास प्राधिकरण, कैप्टन विकास गुप्ता अध्यक्ष उत्तर प्रदेश  कृषि अनुसंधान परिषद दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार जयभगवान गोयल कार्यकारी अध्यक्ष यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट, वरिष्ठ भाजपा नेता रविकांत मिश्रा एवं बच्चू सिंह रजिस्ट्रार गौतम बुद्ध नगर विश्वविधालय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर लीला का शुभारंभ किया । महाराज दशरथ जी अपने दरबार मे बैठ कर विचार करते हैं '' एक बार भूपति मन माहीं । भै गलानि मोरे सुत नाहीं'' ऐसा विचार करके दशरथ जी गुरूवशिष्ठ के पास जाते हैं।गुरूवशिष्ठ जी राजा दशरथ कोआश्वस्त करते हैं कि '' धरहु धीर होइ हहिं सुत चारी।त्रिभुवन विदित भगत भयहारी'' ऐसा कहकर वशिष्ठ जी श्रृंगी ऋषि को बुलाते हैं और पुत्रेष्ठि यज्ञ कराते हैं।यज्ञ सेअग्निदेव प्रकट होकर चारू फल तीनों रानियों को देते हैं।कुछ समय उपरांत भगवान राम सहित चारों भाईयों का जन्म होता है''नौमी तिथिम धुमास पुनीता।सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता''। राम जन्म सुनकर पूरे अयोध्या में खुशी की लहर दौड़ जाती है और दशरथ के दरबार में मंगल गीत गाये जाते हैं'' बाल स्वरूप भगवान राम से मिलने शंकर जी योगी का भेष बनाकर आते हैंऔर इसके बाद चारों भाइयों का नाम करण गुरू वशिष्ठ द्वारा किया जाता है।चारों भाइयों की शिक्षा दीक्षा होती है।अगले दृश्य में विश्वामित्र का राजा दशरथ के दरबार मे आगमन होता है और वह अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राम लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए कहते हैं।दशरथ जी बोले हे मुनि'' सबसुत मोहि प्रान की नाईं।राम देत नहिं बनइ गोसाईं''। इसके बाद वशिष्ठ जी के समझाने पर दशरथ जी राम लक्ष्मण को विश्वा मित्र के साथ भेज देते हैं।रास्ते में जाते समय विश्वामित्र भगवान राम को राक्षसी ताड़का को दिखाते हैं। ताड़का क्रोध कर के विश्वामित्र व राम लक्ष्मण के ऊपर आक्रमण करती है भगवान राम ने धनुष उठाकर'' एकहि बान प्रान हर लीन्हा । दीन जानिते हिनि जपददीन्हा''। ताड़का का वध कर देते हैं औरअपने परम धाम पहुंचा देते है। विश्वामित्र जब यज्ञ करने लगते हैं तब मारिच अपने साथियों के साथ यज्ञ पर धावा बोलता है । भगवान राम उसको एक बाण से सौ योजन पार पहुंचा देते हैं । इसके बाद राक्षस सुबाहु काभी वध कर देते हैं । देवता व ऋषि मुनि भगवान की स्तुति करते हैं । इसके साथ ही दूसरे दिन की लीला का समापन होता है। श्रीराम मित्रमंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण राज ने बताया कि 1 अक्टूबर को रावण वेदवती संवाद,सीता जन्म,अहिल्या उद्धार, जनक बाजार एवं गौरी पूजन  आदि लीलाओं का मंचन किया जायेगा। इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष बी0पी0 अग्रवाल, मुख्य यजमान उमाशंकर गर्ग, उप मुख्यसंरक्षक ओमबीर शर्मा ओंकारनाथ अग्रवाल, अध्यक्ष धर्मपाल गोयल, महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सह – कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, सतेंद्र शर्मा,सतनरायण गोयल, तरुण राज, मनोज शर्मा, मुकेश गोयल, मुकेश गुप्ता, संजय शर्मा, रविन्द्र चौधरी, आत्माराम अग्रवाल, मीडिया प्रभारी चंद्रप्रकाश गौड़, मुकेश गर्ग, एस एम गुप्ता, पवन गोयल,मुकेश अग्रवाल, सुधीर पोरवाल, राकेश गुप्ता,अजय गुप्ता, रामनिवास बंसल, ओपी गोयल,कुलदीप गुप्ता, गिरिराज बहेड़िया सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।