आखिरी मिनट टैक्स बचाने के लिए करें ये पाँच उपाय : प्रशांत शर्मा
March 14, 2020 • Akram Choudhary

आखिरी मिनट टैक्स बचाने के लिए करें ये पाँच उपाय : प्रशांत शर्म

 नोएडा  ( अमन इंडिया)। अवीवा लाईफ इंश्योरेंस के चीफ इन्वेस्टमेंट आॅफिसर प्रशांत शर्मा का कहना है कि समय के साथ संपत्ति में वृद्धि करने के लिए निवेश आवश्यक है। अपना वित्तीय भविष्य सुरक्षित करने के लिए व्यक्ति को दीर्घकालिक व अल्पकालिक वित्तीय लक्ष्यों पर केंद्रित होना चाहिए। सभी टैक्सदाताओं को निवेश के हर टूल की जाँच करनी चाहिए, इसमें निहित जोखिमों का आंकलन करना चाहिए तथा अंतिम मिनट निर्णय करने से पहले इन्फ्लेशन एवं टैक्स एडजस्टेड रिटन्र्स के मूल्य की गणना कर लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि निवेश की निर्धारित तिथि के नज़दीक आने के साथ टैक्सदाता अपने निवेशों को समायोजित करने तथा अपने इंकम टैक्स पर सर्वाधिक बचत करने के तरीके देख रहे हैं। वित्तीय साल खत्म होने में कुछ दिन बचे हैं और उनमें से कई ने अपने टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट भी जमा नहीं किए हैं। एक स्मार्ट टैक्सदाता के रूप में व्यक्ति को निवेश का उचित माध्यम चुनना चाहिए, जिससे पैसे व टैक्स की बचत हो सके। टैक्स सेविंग के उत्पाद निवेश के वर्ष बचाए गए टैक्स के रूप में तत्काल रिटर्न प्रदान करते हैं, जिससे भविष्य के लिए बचत को बढ़ावा मिलता है। टैक्स ब्रैकेट में व्यक्ति जितना ऊपर होता है, उसका लाभ भी उतना ही ज्यादा होता है। जब व्यक्ति के पास बचत व निवेश के अनेक विकल्प हों, तो सही उत्पाद चुनना बहुत कठिन हो जाता है।

प्रशांत शर्मा का कहना है कि इंकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 80सी 1.5 लाख रु. तक का टैक्स डिडक्शन प्रदान करता है, इसके द्वारा आप उपलब्ध फाईनेंशल इंस्ट्रूमेंट्स की विस्तृत श्रृंखला द्वारा इस पूरी राशि का निवेश कर सकते हैं। सही इंस्ट्रूमेंट में निवेश करने से न केवल टैक्स बचता है, बल्कि आप अपने वित्तीय भविष्य के लिए उत्तम योजना भी बना सकते हैं। आप पब्लिक प्राॅविडेंट फंड (पीपीएफ), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी), बैंक फिक्स्ड डिपाॅज़िट (एफडी), लाईफ इंश्योरेंस प्लान आदि में निवेश कर सकते हैं। आपको केवल निवेश करना है, यह सोचकर निवेश नहीं करना चाहिए। आपको ऐसे उत्पादों में निवेश करना चाहिए जो आपकी आवश्यकता के दायरे में हों। एफिशियंसी एवं अंतिम समय की घबराहट से बचने के लिए आपको आॅनलाईन निवेश करना चाहिए। आॅफलाईन भुगतान से चीजें खराब हो सकती हैं, जैसे आपका चेक किसी वजह से बाउंस हो सकता है, जबकि आॅनलाईन भुगतान की प्रक्रिया सुगम होने से अंतिम मिनट के संकट से बचा जा सकता है।