बेटी है परिवार का मजबूत स्तभ: विनोद तकियावाला
February 7, 2020 • Akram Choudhary

नोएडा(अमन इंडिया):बसंत का आगमन हो गया है, यानि शादी का मौसम दस्तक वैण्ड वाजें की मधुर संगीत के स्वर सुनाई पड़नें लगी है , वर पक्ष वाले सड़कों पर  सु सिज्जत परिद्यानों में रंग विरंगी रोशिनी विखरती फुलो अच्छादित डोली में दुहले राजा अपनें संगे सम्बघियों .  के साथवारात लें निकल पड़े है अपनी दुल्हन  को लाने के लिए ।बही कन्या पक्ष वाले अपनी लाड़ली व कलेजें के ट्कड़े को शादी की रस्म अदायी हेतु बड़ी ही वेशब्री  सें इंतजार कर रही है । तभी वेटी की माँ को किसी ने बारात की शुभ सुचना दी , घर की सारी औरतें  ने दुल्हें व वारात के स्वागत में मंगल गीत गाने लगी है, कन्या पक्ष के सारें सगें सम्बन्धी सर्तक हो गयें क्योकि गॉव की लाड़ली की शादी समारोह में कोई कमी ना रह जाय । शादी की निविध्न सम्पन हो गई ।अब बेटी की विदाई के वक्त बाप सबसे आखरी में रोता है ,बाकी सब भावुकता में रोते है पर बाप उस बेटी के बचपन से विदाई तक के पल याद कर कर के रोता है माँ बेटी के रिश्तों पर तो बात होती ही है पर बाप ओर बेटी का रिश्ता भी समुद्र से गहरा है,,हर बाप घर के बेटे को गाली देता है धमकाता है मारता है पर वही बाप अपनी बेटी की हर गलती नकली दादा गिरी से नजर अंदाज कर देता है ,बेटे ने कुछ मांगा तो एक बार डाट देता है पर बेटी ने धीरे से भी कुछ मांगा तो बाप को सुना जाता है और जेब मे हो न हो बेटी की इच्छा पूरी कर देता है,,दुनिया उस बाप का सबकुछ लूट ले तो भी वो हार नही मानता पर अपनी बेटी के आंख के आंसू देख कर खुद अंदर से बिखर जाए उसे बाप कहते है ,,ओर बेटी भी जब घर मे रहती है तो उसे हर बात में बाप का घमंड होता है किसी ने कुछ कहा कि तपाक से बोलती है पापा को आने दे फिर बताती हु ,बेटी घर मे रहती तो माँ के आंचल में है पर बेटी की हिम्मत उसका बाप रहता है ,,बेटी की जब शादी में विदाई होती है तब वो सबसे मिलकर रोती तो है पर जैसे ही बिदाई के वक्त कुर्सी समेटते बाप को देखती है जाकर झूम जाती है लिपट जाती है ऐसा कस के पकड़ती है बाप को जैसे माँ अपने बेटे को,क्यो की उस बच्ची को पता है ये बाप ही है जिसके दम पर मैने हर जिद पूरी की थी,,खेर बाप खुद रोता भी है और बेटी की पीठ ठोक कर फिर हिम्मत देता है कि बेटा चार दिन बाद आजाऊँगा लेने और खुद जानबूझकर निकल जाता है किसी कोने में ओर उस कोने में जाकर कितना फुट फुट रोता है वो बाप ये बात सिर्फ बेटी का बाप ही समझ सकता हैकॉपते होटो  से यही  निकल  पाता हैै क्रि  बावुल की दुआयेेंशाथ  लिय जाय ,जा तुुुझं सुखी संसारमिलें ,पर जैसे ही बाप मरता है ओर बेटी आती है वो इतनी चित्कार के रोती है कि सारे रिश्तेदार समझ जाते है कि बेटी आगई है वो बेटी उस दिन हिम्मत हार जाती है क्यो की उस दिन उसका बाप नही हिम्मत मर जाती है,,बाप की मौत के बाद बेटी कभी अपने भाई के घर जिद नही करती जो मिला खा लिया जो दिया पहन लिया क्यो की उसका बाप था तबतक सबकुछ उसका था वो जानती है ,,आगे लिखने की हिम्मत नही है बस इतना कहता हूं बाप के लिए बेटी उसकी जिंदगी होती है पर वो कभी बोलता नही ,ओर बेटी के लिए बाप दुनिया की सबसे बड़ी हिम्मत ओर घमंड होता है पर बेटी भी कभी बोलती नही ,,नप बेटी का प्रेम समुद्र से भी गहरा है