डीजल जेनरेटर पाबंदी उद्योगपतियों व्यवसायियों का शोषण:नरेश
October 6, 2020 • Akram Choudhary

 

 

-बिना विकल्प के डीजल जेनरेटर पर पाबंदी प्रदेश और जिले के लिये अहितकारी

 

नोएडा(अमन इंडिया)।पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण ने 15 अक्टूबर से दिल्ली एनसीआर में डीजल जेनरेटर संचालन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है । इस आदेश के संदर्भ मे उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई के एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी सुहास एल वाई से मिला और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं डॉक्टर भूरे लाल चेयरमैन पयार्वरण प्रदूषण प्राधिकरण के नाम ज्ञापन सौंपा । चेयरमैन रामअवतार सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के कारण उद्योग धंधे पहले से ही मंदी की मार झेल रहे हैं या लगभग वेंटिलेटर पर हैं अब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई है और औद्योगिक प्रतिष्ठान खुलने लगे हैं ऐसे में हर वर्ग को आशा है कि स्तिथि जल्द पूर्व की भांति सामान्य हो जायेगी। परन्तु डीजल जेनरेटरों के संचालन ना करने के आदेश से इस पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। नोएडा एक औद्योगिक नगरी है विभिन्न प्रकार के औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं इकाइयां हैं जहाँ पूरे देश से हर वर्ग का व्यक्ति रोजगार पा कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। विधुत की आपूर्ति पूर्ण नही है इसलिए डीजल जेनरेटर का उपयोग किया जाता है। 

डीजल जेनरेटर के बजाय सीएनजी व पीएनजी से संचालित करने के लिए अभी व्यवसायियों ,उद्यमियों को पीएनजी या सीएनजी जेनरेटर खरीदने पड़ेंगे जो कि लॉकडाउन के पश्चात आर्थिक स्तिथि को देखते हुए अभी संभव नही है उनका मूल्य अधिक है अगर कोई व्यवसायी या उधमी खरीद भी ले तो उसे संचालित करने के लिये गैस और पीएनजी की उपलब्धता नही है और ना ही पीएनजी एवं सीएनजी के कनेक्शन उपलब्ध हैं। इस आदेश के फलस्वरूप जेनरेटर व्यवसायियों, उद्यमियों पर आर्थिक एवं मानसिक बोझ बढ़ेगा । जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि बीना किसी समानांतर योजना के यह कैसे संभव है इससे विपरीत प्रभाव पड़ने का खतरा बढ़ गया है यह आदेश उद्योगपतियों एवं जेनरेटर व्यवसायियों दोनों को ही पलायन करने पर मजबूर कर देगा ओर साथ ही साथ इन प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के बेरोजगार होने का खतरा बढ़ जायेगा जब उत्पादन नही होगा तो राज्य सरकार को राजस्व की हानि होना भी स्वभाविक है। बाजारों में जेनरेटरों के अभाव में चोरी और लूटमार का खतरा बढ़ जायेगा जिससे कानून व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है। जब तक अन्य कोई विकल्प पीएनजी एवं सीएनजी की आपूर्ति हेतु कनेक्शन का प्रबंध नही हो पाता तब तक उपरोक्त आदेश पर राहत प्रदान करनी चाहिये । जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बताया कि शासन द्वारा अभी कोई भी लिखित आदेश प्राप्त नही हुआ है जब लिखित आदेश की प्रति प्राप्त होगी तभी कोई कार्यवाही संभव है । प्रशासन जेनरेटर व्यवसायियों,उद्योगपतियों और उधमियों के साथ मिलकर ही किसी योजना पर विचार करेगा और हर तरह से संभव मदद की जायेगी ।