ईयू ने उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाएं आर्थिक उन्नति की दिशा में दे रहा हैं योगदान 
August 26, 2020 • Akram Choudhary

 

 

स्थानीय सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशंस के साथ मिलकर चाइल्डफंड इंडिया, चाइल्डफंड स्वीडन और यूरोपीय संघ (ईयू) समुदाय से जुड़कर महिला किसानों को

सशक्त बनाने और अपनी तथा अपने परिवारों की आजीविका अर्जन के लिए सक्षम बनाने के लिए सम्मलित प्रयास कर रहे हैं 

 

 नई दिल्ली (अमन इंडिया): चाइल्डफंड इंडिया, चाइल्डफंड स्वीडन और यूरोपियन यूनियन (ईयू) ने आज एक खास प्रोजेक्ट “स्ट्रैंथनिंग सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशंस टुवर्ड्स फॉस्टरिंग वुमन एम्पावरमेंट” को लॉन्च किया है। यूरोपीय संघ से वित्तीय सहायता प्राप्त, यह प्रोजेक्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15,000 से अधिक महिला किसानों को जलवायु लचीली खेती में सशक्त बनाने हेतु सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशंस (सीएसओ) की मदद करेगा और उन्हें मजबूत बनाएगा, जिससे महिला किसान अपने अधिकार प्राप्त कर सकें, और स्थायी आजीविका प्राप्त करने के लिए कुशल और आत्मनिर्भर उद्यमी बन सकें। इसके साथ ही यह प्रोजेक्ट उनकी सामूहिक शक्ति बढ़ाने और समुदाय में बदलाव लाने में भी मदद करेगा

यूरोपीय संघ से वित्तीय सहायता प्राप्त इस प्रोजेक्ट को शुरू करने और साझेदारों के बड़े समूह को इस प्रोजेक्ट की जानकारी देने के लिए "रूरल वुमन कंट्रीब्यूटिंग टुवर्ड्स इकोनॉमिक रेजिलियंस" नामक एक वर्चुअल ईवेंट आयोजित किया गया था। इस ईवेंट में सुश्री सीसिलिया कोस्टा, टीम लीडर, कोऑपरेशन सेक्शन, यूरोपियन यूनियन डेलिगेशन टू इंडिया, सुश्री मार्टिना हिबेल, बरनफोंडन 'चाइल्डफंड स्वीडन' की सेक्रेटरी जनरल, सुश्री नगमा मुल्ला, प्रेसिडेंट एवं सीओओ, एडेलगिव फाउंडेशन, श्री वाहिद अली, डिप्टी डायरेक्टर - हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश सरकार, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशंस (सीएसओ), महिला किसान, मीडिया और सरकार के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण, जलवायु निर्भर समुदाय, कृषि एवं उद्यमिता जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत महामहिम श्री यूगो एस्ट्युटो ने इस नई साझेदारी का स्वागत किया। 

“स्त्री एवं पुरुष में समानता संपूर्ण और समानतापूर्ण आर्थिक विकास के लिए एक आवश्यक शर्त है। जहां कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, वहीं उन्हें असमानताओं और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। यह प्रोजेक्ट महिलाओं के तकनीकी और उद्यमी कौशल को बढ़ाकर लिंग आधारित अंतर को कम करने में मदद करेगा। यह महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे उद्यमों की भी मदद करेगा और एक टिकाऊ, जलवायु अनुकूल खेती और गैर-कृषि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।”

चाइल्डफंड इंडिया की कंट्री डायरेक्टर एवं सीईओ नीलम माखीजानी ने कहा,

“यूरोपीय संघ द्वारा प्रदान की गई यह बड़ी वित्तीय सहायता, चाइल्डफंड को उन बाधाओं को दूर करने हेतु काम करने पर ध्यान देने में मदद करेगी जो महिला किसानों की प्रगति में रोड़े अटकाती हैं, और साथ ही देश में उनके सामाजिक और आर्थिक विकास को सीमित करती हैं। यह प्रोजेक्ट सीएसओ और महिला किसान समूहों के साथ चर्चाओं के एक लंबे दौर का एक परिणाम है, जो उन्हें अपने अधिकारों की मांग करने और समान अवसर प्राप्त करने के योग्य बनाता है, ताकि वे सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।"