मैट्रो अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में कार्यक्रम आयोजन
September 9, 2020 • Akram Choudhary

नोएडा(अमन इंडिया)8 सितम्बर पूरे विश्व में फिजियोथेरेपी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में आज गया कार्यक्रम की विषेषता थी कि इस बार कार्यक्रम साझा किस और अपनी खुषी से कुछ लोगो ने विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसमें:-

1. श्री विजय सिंह - शायरी

2. श्री नेहा दिवाकर - डांस

3. श्री एच.सी. जोहरी - गाना व डांस

4. श्री महेन्द्री - डांस

5. श्री सुभाग - पियानो

इस अवसर पर विभा के विभागाध्यह डाॅ0 दिनेष कुमार समुक ने बताया कि विश्व भर के फिजियोंथेरेपिस्ट दस दिन को बहुत इस अवसर पर विभाग के विभागअध्यक्ष डाॅ दिनेष कुमार समुक ने बताया कि विश्व में के फिजियोथेरेपिस्ट इस दिन को बहुत धूमधाम से मनाते है। और इस वर्ष भारत के फिजियोथेरेपिस्ट के लिए इस लिए भी खांस है क्योंकि कई वर्षो के पष्चात भारत फिर से विश्व संगठन का दिए सा बना है, इस समय जब पूरा विश्व कोविड-19 नामक महामारी से जूझ रहा है, इस समय फिजियोथेरेपी की महत्व और भी बढ गई है। डाॅ समुक के अनुसार जैसा स्ीाी को पता है कोविड-19 फेफडो को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है ऐसे में चेस्ट फिजियोथेरेपी सबसे अधिक उपयोगी साबत है। रही है। इसके साथ-साथ फिजियोथेरेपी हमारी इम्यूनिटी को बढाने में भी कार्य करता है।

अभी सब लोग लाॅकडाडन की वजह से सभी लोग घरों में कैद हो तो उसकी वजह से लोगो का जीवन बहुत प्रभावित हुआ, जिससे तो लोगों केा कई तरह की मांसपेषियों व हड्डियों की समस्याओ का सामना करना पडा तथा कई और तरह की पोष्चर आदि से प्रभावित हुए। अतः सभी को सम्पूर्ण निवातरण फिजियोथेरेपी से किया। पूरे लाॅकडाडन में लोगो की सेहत का ख्याल फिजियोथेरेपी से रखा गया, और आजकल जब मोबाईल, लेपटाॅप की उपयोगिता बढ़ गई ऐसे में लोगो को प्रतिदिन होने वाली समस्याओ में बचाने मे फिजियोथेरेपी की भूमिका बहुत अहम है।

मैट्रो अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में इस कोविड-19 महामारी को ध्यान से रखते हुए कुछ विषेष उपाय किए गए है जिसमें इस बात को ख्याल रखा जाता है कि किसी भी मरीज कोई भी तकलीफ न हो। खास करके कोविड-19 महामारी के चलते इसलिए निम्न सावधानियाू रखा जाती है।

 डिस्टिंग का विषेष ध्यान रखा जाता है। जिस के लिए मरीजो को अलग-अलग समर्थ दिया गया है, ताकि एक समय पर अधिक लोग इक्टठा न हो सके। 

1. सभी को मास्क पहनना अनिवार्य है।

2. हर मरीज के बाद मषीन व वेड को सेनिटाइज किया जाता है। 3. सरा सटाफ हैंड हाईजीन का पालन कढ़ाई से पालन करते है।