पारस अस्पताल गुरुग्राम ने विश्व कैंसर दिवस पर छात्रों और कैंसर सर्वाइवर के साथ जागरूकता फैलाई 
February 7, 2020 • Akram Choudhary
पारस अस्पताल गुरुग्राम ने विश्व कैंसर दिवस पर छात्रों और कैंसर सर्वाइवर के साथ जागरूकता फैलाई
  • भारत में हर साल कैंसर के 17 लाख नए मामलों का निदान होता है। और 8 लाख लोग इसके शिकार होते  हैं 
  • डॉ. (कर्नल) आर रंगा राव, वीएसएम ने कहा कि खराब जीवनशैली भारत में कैंसर का प्रमुख कारण बन गया  हैं
  • 'कैंसर बढ़ रहा है और उम्र घट रही है' विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की गई
  • अस्पताल ने  "कैंसर स्क्रीनिंग बस" के शुभारंभ की घोषणा की

 
गुरूग्राम (अमन इंडिया): अग्रणी मल्टी-स्पेशलटी, पारस हाॅस्पिटल गुड़गांव ने स्कूली बच्चों, अस्पताल के स्टाफ और कैंसर की जंग जीत चुके लोगो के साथ विश्व कैंसर दिवस के मौके पर जागरूकता फैलाई। 


द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल से तकरीबन 100 विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से कैंसर के बारे में अपनी जानकारी को प्रस्तुत किया। पेंटिंग प्रतियोगिता का विषय था ‘‘कैंसर बढ़ रहा है और उम्र कम हो रही है .’’ 

डाॅ (कर्नल) आर रंगा राव, वीएसएम, सॉलिड ट्यूमर के लिए जाने-माने ओंकोलोजिस्ट हैं, उन्होंने कैंसर के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए एक चर्चा सत्र का आयोजन किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने बताया कि भारत में बुरी जीवनशैली कैंसर के मुख्य कारणों में से एक है।

‘‘हर साल कैंसर के 17 लाख नए मामलों का निदान होता है। यह बीमारी 5-7 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है। हर साल 8 लाख लोग कैंसर के कारण मौत का शिकार हो जाते हैं। भारत में कैंसर केे प्रकार भी बदल रहे हैं। इन्फेक्शन के कारण होने वाले कैंसर जैसे सरवाईकल और पेनाईल कैंसर में कमी आ रही है, वहीं जीवनशैली से जुड़े कैंसर जैसे स्तन कैंसर, कोलोरेक्टल और प्रोस्टेट कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। देश भर में कैंसर के मामलों की संख्या 2030 तक दोगुनी होने का अनुमान है। जीवनशैली में छोटे छोटे बदलाव लाकर हम इस बीमारी से बच सकते हैं। इसके लिए कैलोरीज़ का सेवन कम मात्रा में करें, मोटापे से बचें, शराब और तंबाकू का सेवन न करें, शारीरिक व्यायाम करें।’’ डाॅ आर रंगा राव, वीएसएम, चेयरमैन, पारस कैंसर सेंटर, पारस हाॅस्पिटल्स, गुरूग्राम ने कहा।

साल 2018 में कैंसर के 180 लाख नए मामलों का निदान हुआ, जिनमें से 98 लाख लोगों की मृत्यु हो गई। यही कारण है कि कैंसर शब्द अपने आप में डर पैदा करने वाला है, एक ओर जहां इसके इलाज की लागत बहुत अधिक होती है, दूसरी ओर मरीज़ के जीवित रहने की संभावना भी बहुत कम होती है। कैंसर मेटास्टेसिस के द्वारा शरीर में तेज़ी से बढ़ता है, इस प्रक्रिया में कैंसर की कोशिकाएं लिम्फ या रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों में जाकर फैल जाती हैं। 
 
कैंसर स्क्रीनिंग वैन" की शुरूआत की घोषणा की गई, वैन हरियाना के विभिन्न शहरों की यात्रा करेगी और स्थानीय लोगों के लिए विभिन्न कैंसर स्क्रीनिंग मुफ्त में करेगी।