पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भारत में ईओयू और एसईजैड (EOUs/SEZs) की ग्रोथ पर वेबिनार आयोजित किया
June 16, 2020 • Akram Choudhary

पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भारत में ईओयू और एसईजैड (EOUs/SEZs) की ग्रोथ पर वेबिनार आयोजित किया

 

- डॉ.एल.बी.सिंघल, डेवलपमेंट कमिश्नर, नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन वेबिनार के मुख्य अतिथि 

 - वेबिनार में कोविड-19 से पहले और कोविड-19 के बाद के माहौल पर विचार-विमर्श किया गया

 

नोएडा (अमन इंडिया)। पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने आज भारत में ईओयू और एसईजैड (EOUs/SEZs) की ग्रोथ पर वेबिनार आयोजित किया, जिसमें कोविड-19 से पहले और कोविड-19 के बाद के माहौल पर विचार-विमर्श किया गया।

डॉ.एल.बी.सिंघल, डेवलपमेंट कमिश्नर, नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एनएसईजैड), भारत सरकार और वेबिनार के मुख्य अतिथि, ने कहा कि भारत में एसईजेड के निर्यात में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और 2005-06 में लगभग 5 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात से 2019-20 में निर्यात बढ़कर लगभग 112 बिलियन अमरीकी डॉलर तक हो गया है। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों के दौरान एसईजेड में निवेश और रोजगार सृजन की वृद्धि का विशेष तौर पर उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि महामारी कोविड-19 के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था के धीरे-धीरे फिर से खुलने के बाद, एसईजेड की आर्थिक गतिविधियों में तेजी से व्यापार और उद्योग में कामकाज फिर से शुरू हो गया है।

उन्होंने वेबिनार में पीएचडी चैंबर के इस समय पर इस तरह के इंटरैक्टिव सत्र के आयोजन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।

डॉ.एल.बी. सिंघल ने कहा कि भारत में एसईजेड में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक सुधार के उपाय करने की आवश्यकता है ताकि मैन्युफैक्चरिंग इंटरप्राइजिज एसईजेड की ग्रोथ स्टोरी में बढ़चढ़ कर योगदान कर सकें।

उन्होंने कहा कि एसईजेड पर बाबा कल्याणी समिति की अधिकांश सिफारिशें लागू की गई हैं और वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय वैश्विक वैश्विक परिदृश्य में सेज के लिए व्यापार करने में अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए बाकी की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया में है।

व्यापार और उद्योग से जुड़े लगभग 100 लोगों ने वेबिनार में भाग लिया और भारत में एसईजेड से संबंधित प्रोसीजरल मुद्दों और अनुपालन पर विभिन्न प्रश्न भी किए।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप मुल्तानी ने वेबिनार में सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और सरकार द्वारा कोविड-19 जैसी महामारी को दूर करने में व्यापार और उद्योग की मदद करने के लिए उठाए गए सक्रिय कदमों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि भारत में एसईजेड को व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे के निर्माण, रोजगार सृजन, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने, विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि, निर्यात प्रतिस्पर्धा में सुधार और कौशल और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र के रूप में मान्यता दी गई है।

इस मौके पर, जैसा कि विभिन्न विदेशी कंपनियां भारत में निवेश के लिए अवसर देख रही हैं, संभावित निवेशकों को आकर्षित करने और एसईजेड की पूरी क्षमता का पता लगाने के लिए एसईजेड के लिए सुविधा महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की स्थिति को उसी बेंचमार्क पर वापस करने का सुझाव दिया जो वर्ष 2005-06 में पूर्ण सुविधाओं और प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए था जो विदेशी संस्थाओं को देश भर के विभिन्न एसईजेड में मूल निवेश करने की अनुमति देता है। जिसमें न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) और लाभांश वितरण कर (डीडीटी) नहीं था।

वेबिनार को संबोधित करने वाले अन्य जाने माने व्यापार और उद्योग विशेषज्ञों में श्री भुवनेश सेठ, वाइस चेयरमैन, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर ईओयू एंड एसईजेड (ईपीसीईएस), श्री एसके गुप्ता, डायरेक्टर, अर्थ एसईजेड नोएडा, श्री जेपी चिरानिया, सीईओ, मेगमा आरएफआईडी और डॉ. एसपी शर्मा, चीफ इकोनॉमिस्ट, पीएचडी चैंबर।