रामकी एनवायरो इंजीनियर्स ने नोएडा में स्थापित किया एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट
October 6, 2020 • Akram Choudhary

 

 

नोएडा (अमन इंडिया)। रामकी एनवायरो इंजीनियर्स और नोएडा प्राधिकरण ने कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट का उद्घाटन किया। सेक्टर-80 में 5 एकड़ भूमि में फैला यह प्लांट प्रतिदिन 300 टन तक कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट को रीसाइकल कर सकता है। अपनी तरह के पहले सी एंड डी प्लांट में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट के कलैक्शन, ट्रांसपोर्टेशन, प्रोसेसिंग और मैनेजमेंट का काम किया जाएगा। प्लांट के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित सांसद महेश शर्मा, विधायक पंकज सिंह, सीईओ श्रीमती रितु माहेश्वरी, रामकी एनवायरो इंजीनियर्स के एमडी और सीईओ गौतम रेड्डी और अन्य विशिष्ट लोग उपस्थित रहे।

एमडी और सीईओ गौतम रेड्डी ने बताया कि सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट द्वारा हाल ही में किए गए एक शोध के अनुसार देश में कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट (सी एंड डी) के लगभग 1 प्रतिशत हिस्से का ही पुनःउपयोग किया जाता है। इस नए 300 टन प्रति दिन वाले सी एंड डी प्लांट के शुरू होने से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक स्वच्छ और हरित वातावरण प्रदान कर सकेंगे। साथ ही, सड़कों, खुले भूखंडों और अन्य स्थानों पर निर्माण मलबे के डंपिंग से जुड़े मुद्दे का भी समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सेक्टर-80 में स्थापित किए गए सी एंड डी प्लांट का उद्देश्य नोएडा और उसके आसपास उत्पन्न सभी प्रकार के कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करना है, ताकि पर्यावरण के अनुकूल हरित उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन किया जा सके। संयंत्र से तैयार पुनर्नवीनीकरण उत्पादों को बहुउद्देशीय उपयोग के लिए रखा जा सकता है, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है। पुनर्नवीनीकरण ईंटों का उपयोग फुटपाथ के निर्माण के लिए और निर्मित रेत का उपयोग निर्माण सामग्री के लिए किया जा सकता है। साथ ही पीसीसी का इस्तेमाल सड़क निर्माण और गैर-संरचनात्मक भूनिर्माण उत्पादों के रूप में किया जा सकता है, जिससे उपलब्ध संसाधनों पर दबाव को कम किया जा सकता है।