त्यौहार के सीजन में साप्ताहिक बंदी से व्यापारियों को दी जाए राहत- नरेश कुच्छल
July 29, 2020 • Akram Choudhary

-रक्षाबंधन से पहले शनिवार व रविवार को खोले जाए बाजार

-जिलाधिकारी ने किया आश्वस्त कहा शासन स्तर पर की जाएगी बातचीत

(अमन इंडिया)

नोएडा। लॉकडाउन का सर्वाधिक असर शहर के व्यापारी वर्ग पर पड़ रहा है। त्यौहार का सीजन आ चुका है। ऐसे में सरकार की ओर से किया गया साप्ताहिक लॉकडाउन ने व्यापारियों को मुश्किल में डाल दिया है। इस समस्या से निजात पाने के लिए बुधवार को उप्र व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी से मांग की कि साप्ताहिक लॉकडाउन से बाजारों को छूट दी जाए व रक्षाबंधन से पहले शनिवार व रविवार को बाजार खोले जाए। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया बाजार खुलवाने के लिए वह शासन स्तर पर बातचीत करेंगे।

75 दिन लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद रहे। अनलॉक के बाद धीरे धीरे बाजार पटरी पर लौटने लगे। लेकिन साप्ताहिक बंदी ने इस पर एकाएक ब्रेक लगा दिए। जिलाधिकारी से बातचीत के दौरान मंडल के जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि मौजूदा समय में त्यौहार ही व्यापारियों की स्थिति और बाजार को पटरी पर ला सकते थे। शुक्रवार तक काम करने के बाद ग्राहक शनिवार व रविवार को ही बाजारों में खरीदी के लिए आते है। दोनों दिन बाजार बंद होने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। रक्षाबंधन से पहले शनिवार व रविवार को बाजार खोले जाए। वहीं प्रतिनिधि मंडल के चेयरमैन रामअवतार ने कहा कि त्यौहार के चलते व्यापारियों ने जैसे तैसे कर दुकानों में मॉल भरा है। यदि दुकाने बंद रही तो मॉल बिकेगा नहीं। ऐसे में व्यापारियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। मंडल के महामंत्री दिनेश महावर ने कहा कि हलवाई व रेस्टोरेंट में ग्राहकी सबसे ज्यादा त्यौहार के समय ही होती है। ऐसे में हलवाई की दुकानों व रेस्टारोंट संचालकों को भी रक्षाबंधन से पहले शनिवार व रविवार को दुकाने खोलने की छूट दी जाए। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि साप्ताहिक लॉकडाउन का आदेश सरकार का है। यहा के व्यापारियों की मांग को देखते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि शनिवार व रविवार को दुकाने खोली जाए इसको लेकर शासन स्तर पर बातचीत करेंगे। ताकि व्यापारी वर्ग को नुकसान न उठाना पड़े। इस मौके पर मंडल के वरिष्ठ मंत्री मनोज भाटी, संदीप चौहान, अवधेश ठाकुर, धीरज कुमार , राहुल त्यागी , सुनील कुमार आदि व्यापारी मौजूद रहे।